7.4.2 कक्षा- 7, एनसीईआरटी हिंदी पुस्तक 'मल्हार' अध्याय 4 पानी रे पानी Class -7, NCERT Hindi Malhaar Chapter 4 Paani Re Paani
7.4.2 कक्षा- 7, एनसीईआरटी हिंदी पुस्तक 'मल्हार'
अध्याय 4 पानी रे पानी
Class -7, NCERT Hindi Malhaar
Chapter 4 Paani Re Paani
--- शब्दार्थ ---
बेबक्त- असमय।
तू-तू मैं-मैं- झगड़ा/ तकरार।
रोज-रोज- प्रतिदिन।
अकाल- अशुभ समय, भुखमरी।
बेहद- बहुत अधिक।
गुल्लक- पैसे बचाने का छोटा बक्सा, पिग्गी बैंक।
विशाल- बहुत बड़ा।
समृद्ध- प्रचुर, बढ जाना।
भंडार- प्रचुरता, संचयन।
--- भाग 1: पाठ से —
मेरी समझ से
(क) सही विकल्प चुनें (★)
1. **हमारा भूजल भंडार किससे समृद्ध होता है?**
★ पानी बरसने से।
★ तालाब और झीलों से।
2. **जल‑चक्र से संबंधित कौन‑सी बातें हैं?**
★ समुद्र से उठी भाप का बादल बनकर बरसना।
★ नदियाँ समुद्र में जाकर मिलना।
3. **“इस बड़ी गलती की सजा…” में कौन‑सी गलती बताई गई है?**
★ तालाबों को कचरे से पाटकर समाप्त करना।
★ भूजल भंडारण पर विचार न करना।
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मिलकर करें मिलान
(पाठ से शब्द समूह और उनके अर्थ)
1. वर्षा जल संग्रहण → वर्षा का पानी इकट्ठा करना
2. जल संकट → पानी की अत्यधिक कमी
3. जल‑चक्र → भाप से बादल, फिर बरसात, फिर वापस समुद्र
(जल-चक्र वह प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें जल वाष्प बनकर ऊपर जाता है, बादल बनता है, वर्षा के रूप में धरती पर लौटता है और पुनः नदियों-समुद्रों में पहुँच जाता है।)
4. भूजल → जमीन के नीचे छिपा पानी
पंक्तियों पर चर्चा
1. **“पानी आता भी है तो बेवक्त।”**
→ पानी अनियमित समय पर आता है, जिसका असर दैनिक जीवन पर पड़ता है।
2. **“देश के कई हिस्सों में तो अकाल जैसे हालात बन जाते हैं।”**
→ कई स्थानों पर पानी की कमी सूखे जैसी स्थिति बना देती है।
3. **“कुछ दिनों के लिए सब कुछ थम जाता है।”**
→ बाढ़ के कारण गतिविधियां रुक जाती हैं, लोगों को बहुत कठिनाइयाँ होती हैं।
4. **“अकाल और बाढ़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।”**
→ पानी की कमी और अत्यधिकता—दोनों ही असंतुलन की वजह से होती हैं।
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सोच‑विचार के लिए
1. **धरती को “बहुत बड़ी गुल्लक” क्यों कहा गया?**
→ धरती एक विशाल गुल्लक की तरह वर्षा जल को संचित करती है, जो भूजल बनता है।
2. **जल‑चक्र की प्रक्रिया कैसे पूरी होती है?**
वाष्पीकरण: सूरज की गर्मी से जल वाष्प बनता है।
संघनन: वाष्प बादल बनता है।
वृष्टि: बादल बारिश या ओलों के रूप में पानी गिराते हैं।
संचयन: बारिश का पानी भूजल, नदियों और समुद्र में लौटता है। ये चक्र पुनरावृत्त होता है।
3. **यदि नदियाँ, झीलें, तालाब सब सूख जाएँ तो?**
→ गहरा जल संकट, पीने के पानी की कमी, कृषि और पर्यावरण पर असर, जीवन संकट में।
4. **पानी रुपये से क्यों अधिक मूल्यवान बताया गया?**
→ पानी जीवन के लिए अनिवार्य है; रुपये बिना भी जीवन संभव हो सकता है, लेकिन बिना पानी नहीं।
शीर्षक
1. इस पाठ का शीर्षक पानी रे पानी' दिया गया है। पाठ का यह नाम क्यों दिया गया होगा? अपने सहपाठियों के साथ चर्चां करके लिखिए। अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।
बुनियादी पुकार, पानी की गंभीर ज़रूरत को दर्शाता है।
भावनात्मक एवं विषयगत रूप से पाठ से मेल खाता है।
2. आप इस 'पाठ को 'क्या 'नाम देना चाहेंगे? इसका कारण लिखिए।
→ “जीवन का अमृत पानी” या
“जल की पुकार।”
कारण: जीवन की आधारशिला, आवश्यक स्रोत , भावनात्मक अपील।
📘 शब्दों की बात
(क) इन दोनों वाक्यों को ध्यान से पढ़िए:
"हमारी यह धरती भी इसी तरह की एक गुल्लक है।"
"हमारी यह धरती इसी तरह की एक 'गुल्लक' है।"
प्रश्न: (क) इन दोनों वाक्यों में से दूसरे वाक्य में कौन-सा शब्द हटाकर दिया गया है?
उत्तर: दूसरे वाक्य में "भी" शब्द हटाया गया है।
प्रभाव: (पढ़ने के लिए)
पहले वाक्य में "भी" शब्द धरती की तुलना गुल्लक से करते हुए उसे एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करता है।
दूसरे वाक्य में "भी" हटाने से बात सीधी, सटीक और स्पष्ट हो जाती है। इससे धरती की तुलना गुल्लक से अधिक ज़ोर देकर की जाती है।
(ख) पाठ में ऐसे ही कुछ और शब्द भो आए हैं जो अपनी उपस्थिति से वाक्य में विशेष प्रभाव उत्पन्न करते है। पाठ को फिर से पढिए और इस तरह के शब्दों वाले वाक्यों को चुनकर लिखिए।
(विद्यार्थी घर में स्वयं करेंगे)
उत्तर-
(1) एक सुंदर-सा चित्र भी होता है।
(2) चित्र में कुछ तीर भी बने रहते हैं।
(3) पानी आता भी हैं तो बेवक्त।
(4) शहरों में तो अब कई चीजों की तरह पानी भी बिकने लगा है।
(5) प्रदेशों की राजधानियों में और दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और बंगलोर जैसे बडे शहरों में भो लोगों को भयानक कष्ट में डाल देती है।
📘 समानार्थी शब्द *
नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों का समान अर्थ वाले शब्द लिखिए:
(क) सूरज की किरणें पड़ते ही फूल खिल उठे।
उत्तर: सूर्य / भास्कर / दिवाकर/ दिनकर
➡ वाक्य: सूर्य की किरणें पड़ते ही फूल खिल उठे।
(ख) समुद्र का पानी भाप बनकर ऊपर जाता है।
उत्तर: भाप = वाष्प
➡ वाक्य: समुद्र का पानी वाष्प बनकर ऊपर जाता है।
(ग) अचानक बादल गरजने लगे।
उत्तर: बादल = मेघ / वारिद / जलद / नीरद
➡ वाक्य: अचानक मेघ गरजने लगे।
(घ) जल–चक्र में हवा की भी बहुत बड़ी भूमिका है।
उत्तर: हवा = वायु / पवन / समीर
➡ वाक्य: –चक्र में वायु की भी बहुत बड़ी भूमिका है।
उपसर्ग
सु +पात्र - सुपात्र
अ+पात्र - अपात्र
अ +ज्ञान - अज्ञान
वि + ज्ञान - विज्ञान
आज की पहली
जल के प्राकृतिक स्रोत हैं वर्षा, नदी, झील और तालाबा दिए गए वर्ग में जल और इन प्राकृतिक स्रोतों के समानार्थी शब्द ढूँढ़िए और लिखिए।
उत्तर
मेह, जलाशय, नीर, अंबु, सर, सरोवर, सलिल, ताल, तटिनी, बारिश, प्रवाहिनी, तरंगिणी
गृहकार्य -
1. चक्र का चित्र बनाएं
2. जलसंरक्षण पर एक अनुच्छेद लिखें

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